एझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी में दिल्ली श्रृंखला समुद्री शक्ति के छठे संस्करण का समापन

, | October 19th, 2019

भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) में आज शुक्रवार 18 अक्टूबर, 2019 को “राष्ट्रों को आकार देने में समुद्री शक्ति की भूमिका” पर दिल्ली श्रृंखला समुद्री शक्ति के छठे संस्करण का समापन हुआ। सेमिनार के दौरान इस विषय पर केंद्रित आठ व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) और पश्चिमी नौसेना कमान के पूर्व फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन-चीफ, वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा द्वारा एक आमंत्रण वार्ता भी इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। कार्यक्रम में कई सेवारत और सेवानिवृत्त वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, प्रख्यात शिक्षाविद, थिंक टैंक के प्रतिनिधि, रक्षा विश्लेषक और प्रतिष्ठित दिग्गज उपस्थित थे।

वीएसएम (सेवानिवृत्त), कमोडोर सी उदय भास्कर की अध्यक्षता में संगोष्ठी में दूसरे दिन के दौरान ‘वैश्विक राजनीति में समुद्र शक्ति की केंद्रीयता’ विषय पर विचार-विमर्शों का आयोजन किया गया। आईएनएएस के मिडशिपमैन आदित्य जैन, अमोघ चावला और टीएम रवि किरण ने ‘आईओआर में भारत की समुद्री रणनीति के साथ भू राजनीति को संबंध’ विषय पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया। तक्षशिला संस्थान के सह-संस्थापक और निदेशक, श्री नितिन पाई ने ‘समुद्री शक्ति का जन्म हुआ अथवा सृजन किया गया’ विषय पर अपनी प्रस्तुति दी और शिव नादर विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और शासन अध्ययन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. जबीन टी जैकब ने ‘चीन की वैश्विक महत्वाकांक्षा: समुद्री क्षेत्र विस्तार की समझ’ पर अपना व्याख्यान दिया। नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन की रिसर्च एसोसिएट सुश्री रितिका कपूर ने ‘हिंद महासागर क्षेत्र में भू-राजनीति का विकास: श्रीलंका में चीन की समुद्री शक्ति का विस्तार’ विषय पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया।

भारतीय नौसेना के डिप्टी कमांडेंट और चीफ इंस्ट्रक्टर, रियर एडमिरल तरुण सोबती ने समापन संबोधन देते हुए उच्च गुणवत्तायुक्त विचार-विमर्श के माध्यम से अपने समृद्ध अनुभव और बौद्धिक प्रस्तुति के लिए अध्यक्ष और प्रतिनिधियों की भागीदारी की सराहना की। दिल्ली श्रृंखला समुद्री शक्ति 2019 के समन्वयक कमोडोर बेन एच बर्सन ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

इंडियन नेवल एकेडमी ने एझीमाला स्थित माउंट दिल्ली के बाद वार्षिक सेमिनार को ‘दिली’ श्रृंखला के रूप में नामित किया, जो इस क्षेत्र के समुद्री इतिहास के विकास का गवाह रही है। संगोष्ठी के दौरान समृद्ध अनुभवों के साथ और ‘दिल्ली’ श्रृंखला समुद्री क्षेत्र के विकास के संदर्भ में युवा अधिकारियों और कैडेटों के लिए प्रोत्साहन का भी आधार रही है।

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